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विभिन्न शिक्षण कौशल में शिक्षण विधियों के प्रतिपादक

किंडरगार्टन विधि के प्रतिपादक फ्रोबेल हैं। मांटेसरी विधि के प्रतिपादक मरिया मांटेसरी हैं। खेल विधि के प्रतिपादक हेनरी कॉल्डवेलकुक हैं। डाल्टन विधि के प्रतिपादक हेल...

बाल विकास में वंशानुक्रम एवं वातावरण का प्रभाव

बालक के विकास को 'वंशानुक्रम' एवं 'वातावरण' प्रभावित करते हैं। वंशानुक्रम - बा लक का विकास वंशानुक्रम से उपलब्ध गुण एवं क्षमताओं पर निर्भर रहता है। गर्भधारण करने के बाद ही बालक में पैतृक कोशो का आरंभ हो जाता है तथा यही से बालक की वृद्धि एवं विकास की सीमाएं सुनिश्चित हो जाती हैं। ये पैतृक गुण पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित होते रहते हैं। बालक के कद ,आकृति, बुद्धि ,चरित्र आदि को भी वंशानुक्रम संबंधी विशेषताए प्रभावित करती हैं। अनुसंधानों के आधार पे देखा गया है कि चरित्रहीन माता-पिता के बालक चरित्रहीन ही होते हैं। वातावरण - वातावरण भी बालक के विकास को प्रभावित करने वाला तत्व है। वातावरण के फलस्वरूप व्यक्ति में अनेक विशेषताओ का विकास होता है। शैशवावस्था से ही बालक को वातावरण प्रभावित करने लगता है। बालक के जीवन दर्शन एवं शैली का स्वरूप, विद्यालय, समाज ,पड़ोस तथा परिवार के प्रभाव परिणामस्वरूप ही स्पष्ट होता है। जेम्स ड्रेवर - " शारीरिक तथा मानसिक विशेषताओ का माता-पिता से संतानो में हस्तांतरण होना वंशानुक्रम है।"

बुद्धि के सिद्धान्त

बुद्धि के तीन कारक सिद्धांत- स्पीयर मैन बुद्धि का प्रतिदर्श सिद्धांत- थॉमसन बुद्धि का क ख सिद्धांत- हैब

निरंतरता का सिद्धांत

बाल विकास के सिद्धांत

बालक के विभिन्न आयामो में विकास

क्षेत्रमिति के महत्वपूर्ण सूत्र